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आज का पंचांग

सोमवार, 05 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली (डिफ़ॉल्ट) · अपने शहर और जन्म-नक्षत्र के अनुसार पंचांग के लिए साइन इन करें

तिथि

दशमी (कृष्ण)

6 अक्टू., 02:08 तक · फिर एकादशी 7 अक्टू., 00:34 तक

नक्षत्र

पुष्य · चरण 2

23:09 तक · फिर आश्लेषा 6 अक्टू., 22:17 तक

योग

शिव

09:51 तक · फिर सिद्ध 6 अक्टू., 07:20 तक

करण

वणिज

14:59 तक · फिर विष्टि 6 अक्टू., 02:08 तक

वार

सोमवार

स्वामी: चंद्र

सूर्योदय / सूर्यास्त

06:16 / 18:02

चन्द्रमा: 01:42 (6 अक्टू.) / 14:47

शुभ काल ✓

अभिजित मुहूर्त ✓

11:45 – 12:32

दिन के 15 मुहूर्तों में से आठवाँ — अधिकांश शुभ आरम्भों के लिए उत्तम। · 47 मिनट (दिनमान का 1/15)

ब्रह्म मुहूर्त

04:40 – 05:28

सूर्योदय से 96 मिनट पहले — ध्यान, साधना।

अमृत काल

17:02 – 18:34

नक्षत्र के भीतर अमृत काल — शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

विजय मुहूर्त

14:07 – 14:54

कठिन कार्य आरम्भ करने और न्यायालय के मामलों के लिए शुभ।

गोधूलि मुहूर्त

17:50 – 18:14

गोधूलि बेला — विवाह और संकल्प के लिए पवित्र समय।

निशीथ मुहूर्त

23:45 – 00:33

अर्धरात्रि का काल — ध्यान और जन्माष्टमी पूजा के लिए।

प्रातः सन्ध्या

06:04 – 06:28

प्रातः सन्ध्या — गायत्री जप और प्रातःकालीन अर्घ्य।

सायाह्न सन्ध्या

17:50 – 18:14

सायं सन्ध्या — सायंकालीन अर्घ्य और सन्ध्यावन्दन।

आनन्दादि योग

प्रजापति ✓

शुभ आनन्दादि योग — नए आरम्भ के लिए अनुकूल। 23:09 तक · फिर सौम्य ✓

अशुभ काल ✗

राहुकाल

07:44 – 09:12

नए कार्य आरम्भ न करें।

यमगण्ड

10:41 – 12:09

नए कार्य और दक्षिण दिशा की यात्रा से बचें।

गुलिक काल

13:37 – 15:06

अशुभ — अनुबंध और हस्ताक्षर से बचें।

दुर्मुहूर्त

12:32 – 13:20 14:54 – 15:41

इन समयों में नए कार्य आरम्भ न करें।

वर्ज्यम्

07:52 – 09:24

नक्षत्र के भीतर त्याज्य काल — यात्रा और नए कार्य से बचें।

पंचक —

सक्रिय नहीं

आज पंचक नहीं है।

गण्ड मूल —

चन्द्रमा गण्ड मूल नक्षत्र में नहीं है

आज गण्ड मूल दोष नहीं है।

चौघड़िया (दिन)

अमृत ✓

06:16 – 07:44

काल ✗

07:44 – 09:12

शुभ ✓

09:12 – 10:41

रोग ✗

10:41 – 12:09

उद्वेग ✗

12:09 – 13:37

चर ✓

13:37 – 15:06

लाभ ✓

15:06 – 16:34

अमृत ✓

16:34 – 18:02

हर अवसर के लिए सही मुहूर्त खोजें

विवाह, गृह प्रवेश, वाहन, व्यापार, नामकरण और भी बहुत कुछ — इसी गणना से क्रमबद्ध शुभ तिथियाँ।